प्रदेश का दूसरा ट्रांसजेंडर क्लिनिक, सहज आरोग्य क्लिनिक में हर माह पहले बुधवार को ओपीडी,
सैफई (इटावा) ट्रांसजेंडर समुदाय के मरीजों को अब इलाज के लिए न झिझक होगी और न ही भटकाव। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में उनके लिए विशेष क्लिनिक की शुरुआत कर दी गई है, जहां एक ही स्थान पर शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल समस्याओं का समुचित उपचार और परामर्श उपलब्ध होगा। न्यू ओपीडी भवन के भूतल स्थित कक्ष संख्या जी-2 में सहज आरोग्य क्लिनिक के नाम से यह सुविधा संचालित होगी।

बुधवार को कुलपति प्रोफेसर डॉ अजय सिंह ने फीता काटकर क्लिनिक का शुभारंभ किया। इस मौके पर कुलपति ने कहा हमारी कोशिश है कि किन्नर समाज के लोग बिना किसी संकोच के यहां आएं। उन्हें अलग-थलग महसूस न हो, बल्कि यहां उन्हें अपनापन और सही इलाज दोनों मिले। सही समय पर डॉक्टर से संपर्क हो जाए तो ज्यादातर समस्याओं का समाधान संभव है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रांसजेंडर होना कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक जैविक और मनोवैज्ञानिक स्थिति है, जिसे समझने और सही दिशा में उपचार की जरूरत होती है। अक्सर देखा जाता है कि झिझक और जानकारी के अभाव में लोग इलाज तक नहीं पहुंच पाते। इस क्लिनिक के जरिए हम यही दूरी खत्म करना चाहते हैं।

कुलपति ने बताया कि सहज आरोग्य क्लिनिक में ट्रांसजेंडर समुदाय के हर प्रकार के इलाज की व्यवस्था की गई है। इसमें सामान्य बीमारियों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य (साइकियाट्रिक ट्रीटमेंट) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार मेडिसिन, सर्जरी, एंडोक्रिनोलॉजी और मनोचिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ मरीजों को देखेंगे, जिससे उन्हें अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय से अपील की कि वे अपनी पहचान छुपाने के बजाय आगे आकर इलाज कराएं और इसे किसी प्रकार का अभिशाप न समझें। साथ ही सामाजिक संगठनों, विशेषकर रेखा चतुर्वेदी वारसी सेवा सदन से जुड़े लोगों से कहा कि वे इस समुदाय के लोगों को क्लिनिक तक लाने में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

कुलपति ने यह भी कहा कि यदि बचपन में ही इस स्थिति की पहचान हो जाए तो समय रहते उपचार शुरू कर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों को जागरूक रहने और विशेषज्ञों से परामर्श लेने की आवश्यकता है।
क्लिनिक में प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को विशेषज्ञों की टीम ओपीडी करेगी, जहां मरीजों को इलाज के साथ आवश्यक काउंसिलिंग भी दी जाएगी।
इस मौके पर प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर रमाकांत यादव, डीन मेडिकल प्रोफेसर डॉक्टर आदेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉक्टर एसपी सिंह आदि मौजूद रहे
