सैफई : ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को विशेषज्ञ इलाज के लिए अब सैफई तक लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में मंगलवार से वर्चुअल ओपीडी और टेलीमेडिसिन सेवाओं की शुरुआत कर दी गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से मरीज अपने क्षेत्र में रहकर ही विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे, जिससे समय, श्रम और आर्थिक खर्च की बचत होगी।
विश्वविद्यालय और सूर्य देव लक्ष्मी मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से शुरू की गई वर्चुअल ओपीडी के पहले ही दिन विभिन्न विभागों के मरीजों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श दिया गया। हड्डी रोग, नेत्र रोग, गैस्ट्रोमेडिसिन, जनरल मेडिसिन और रेस्पिरेटरी विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार संबंधी सलाह दी।

वर्चुअल ओपीडी का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर अजय सिंह ने किया। कुलपति ने स्वयं हड्डी रोग से जुड़े मरीजों से संवाद कर उनकी जांच की और आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि वर्चुअल ओपीडी और टेलीमेडिसिन जैसी सेवाएं स्वास्थ्य सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज भी विशेषज्ञ चिकित्सा से जुड़ सकेंगे। आयोजित वर्चुअल ओपीडी के तहत साहिबाबाद (लोनी, गाजियाबाद), मौजमपुर (शाहजहांपुर) और सर्वा (लखीमपुर) सहित अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को उनके नजदीकी वर्चुअल ओपीडी केंद्रों पर बुलाकर निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। मरीजों ने बताया कि इस व्यवस्था से उन्हें सैफई आने-जाने की परेशानी से राहत मिली और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह सहजता से प्राप्त हो सकी।
कार्यक्रम में जनरल मेडिसिन विभाग से डॉक्टर विजय वर्मा, नेत्र रोग विभाग से डॉक्टर हिमांशी, रेस्पिरेटरी विभाग से डॉक्टर आशीष, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर अमित सिंह और प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर रमाकांत ने भी विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों को निःशुल्क परामर्श दिया।
चिकित्सकों का कहना है कि वर्चुअल ओपीडी के माध्यम से बीमारी के शुरुआती चरण में ही विशेषज्ञ सलाह मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
