सैफई : उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के मेडिसिन विभाग में गुरुवार को हाइपरटेंशन क्लिनिक की शुरुआत की गई। इस क्लिनिक का संचालन विभाग के चिकित्सकों द्वारा उच्च रक्तचाप से ग्रस्त मरीजों की पहचान, परामर्श और नियमित उपचार के लिए किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने क्लिनिक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप एक मौन घातक रोग है, जिसके शुरुआती लक्षण सामान्य तौर पर दिखाई नहीं देते, लेकिन यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह से इस बीमारी पर नियंत्रण संभव है। लापरवाही बरतने पर यह स्ट्रोक, हार्ट अटैक, किडनी फेल्योर और दृष्टि हानि जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकता है।

जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार ने बताया कि देश की करीब 30 प्रतिशत वयस्क आबादी हाइपरटेंशन से प्रभावित है। इनमें से लगभग 60 प्रतिशत लोगों को अपने रोग की जानकारी तक नहीं होती, जबकि केवल 20 प्रतिशत मरीजों का रक्तचाप नियंत्रित पाया जाता है। यही वजह है कि लोग अक्सर बिना जांच कराए इस रोग को सामान्य मानकर उपेक्षित कर देते हैं, जिससे आगे चलकर जटिलताएं बढ़ जाती हैं। मेडिसिन विभाग में शुरू हुई यह क्लिनिक ऐसे मरीजों के लिए लाभकारी होगी, जिन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है या जो इससे अनजान हैं। यहां मरीजों की रक्तचाप जांच, चिकित्सकीय परामर्श और दवा संबंधी मार्गदर्शन के साथ-साथ जीवनशैली सुधार से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। चिकित्सकों के अनुसार खानपान में सुधार, नियमित व्यायाम और तनाव नियंत्रण से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्लिनिक का संचालन प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को दोपहर दो बजे से चार बजे तक मेडिसिन विभाग के कमरा संख्या-19 में किया जाएगा। विभाग की ओर से बताया गया कि मरीजों के ब्लड प्रेशर की निगरानी के लिए विशेष रिकॉर्ड व्यवस्था की गई है, जिससे पुराने और नए मरीजों की स्थिति का तुलनात्मक विश्लेषण किया जा सकेगा और उसी आधार पर उपचार योजना तैयार की जाएगी।
