सैफई : कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के चलते हृदय रोगियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ठंड बढ़ते ही ब्लड प्रेशर असंतुलित होने, सीने में दर्द, सांस फूलने और दिल से जुड़ी अन्य शिकायतों के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सोमवार को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई मे संचालित विभिन्न डिपार्टमेंट की ओपीडी में करीब 2500 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिसमें कार्डियोलॉजी विभाग की ओपीडी में भी सुबह से दोपहर तक मरीजों की भारी भीड़ बनी रही।
कार्डियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर सुभाष चंद्र ने बताया कि सर्दी के मौसम में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ने की आशंका रहती है। इसका सीधा असर हृदय पर पड़ता है। ठंड में दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना, सीने में जकड़न, घबराहट और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से बुजुर्ग, हाई बीपी, शुगर और पहले से हृदय रोग से ग्रसित मरीजों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि सोमवार को कार्डियोलॉजी ओपीडी में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंचे, जिन्हें सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, तेज धड़कन, चक्कर और कमजोरी की शिकायत थी। कई मरीजों का ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक पाया गया। सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं दी गईं और जीवनशैली से जुड़ी सावधानियों के बारे में परामर्श किया गया।
डॉक्टर सुभाष चंद्र ने सर्दी के मौसम में हृदय रोगियों को सुबह और देर रात अधिक ठंड में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शरीर को पूरी तरह गरम कपड़ों से ढककर रखें और अचानक ठंडे वातावरण में प्रवेश न करें। नियमित दवाएं समय पर लें और बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा बंद न करें। नहाते समय अत्यधिक ठंड या बहुत गर्म पानी से बचें। पहले पैरों पर गुनगुना पानी डालकर शरीर को तापमान के अनुरूप तैयार करें। सुबह बहुत जल्दी नहाने के बजाय दिन में धूप निकलने के समय नहाना अधिक सुरक्षित रहता है। डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों में खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। अधिक नमक, तला-भुना और भारी भोजन हृदय के लिए नुकसानदायक हो सकता है। संतुलित आहार लें, हल्की वॉक या व्यायाम नियमित रूप से करें और पर्याप्त नींद लें। देर रात तक जागना और खाली पेट रहना भी हृदय संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है।
सोमवार को ठंड और कोहरे के कारण विश्वविद्यालय की मुख्य ओपीडी के साथ 500 बेड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या अधिक रही। कार्डियोलॉजी के साथ मेडिसिन, न्यूरो, ईएनटी, नेत्र, आर्थोपेडिक सहित अन्य विभागों में भी मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
