सैफई : इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (उत्तरी क्षेत्र पाइपलाइन) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की संयुक्त ओर से आयोजित ऑफ साइट मॉक ड्रिल सोमवार को सैफई क्षेत्र में महज औपचारिकता बनकर रह गई। पाइपलाइन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर किए गए इस कार्यक्रम में वही लोग नहीं पहुंचे, जिनके लिए यह आयोजन किया गया था। अधिकांश कुर्सियां खाली रहीं और कार्यक्रम स्थल पर केवल कुछ नाबालिग बच्चे बैठे नजर आए, जिससे पूरे आयोजन की गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए।

मौके की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही थी। सामने की पंक्ति में अधिकारी बैठे थे, जबकि पीछे की कुर्सियों पर नाबालिग बच्चे नजर आए। वहीं आसपास ग्रामीणों को जागरूक करने से जुड़े पोस्टर लगे हुए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट दिखाई दी। जिन ग्रामीणों को जागरूक करने का दावा किया जा रहा था, वे कार्यक्रम में कहीं नजर नहीं आए और कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। मॉक ड्रिल का आयोजन ग्राम पंचायत नगला सुभान तिरकाराबाचा में पाइपलाइन चैनल नंबर-303 पर किया गया था। मौके पर एसडीएम सैफई सिद्धार्थ चौधरी, पूर्ति विभाग के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सौरभ सिंह और फायर ब्रिगेड की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने पाइपलाइन से संबंधित संभावित हादसे जैसे रिसाव या आग लगने की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी न के बराबर रही।

पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन से जुड़ी पाइपलाइनों के आसपास बसे क्षेत्रों में इस तरह की ऑफ साइट मॉक ड्रिल एक अनिवार्य सुरक्षा प्रक्रिया मानी जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि आपात स्थिति में स्थानीय लोग घबराने के बजाय सही तरीके से प्रतिक्रिया दें, सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखें और प्रशासन व संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर सकें। ऐसे कार्यक्रम तभी सफल माने जाते हैं जब इनमें स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो।
लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके उलट नजर आई। ग्राम प्रधान सुनील ठाकुर ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बिना सूचना के किए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी आते हैं, औपचारिकता पूरी करते हैं और वापस लौट जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं मिल पाती। उनका कहना था कि यदि सही तरीके से सूचना दी जाए और लोगों को आमंत्रित किया जाए, तो ऐसे कार्यक्रम वास्तव में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
वहीं कंपनी के मैनेजर नितेश कुमार गौतम ने बताया कि कार्यक्रम की सूचना दी गई थी और पूर्व में भी ऐसे आयोजन किए जा चुके हैं, जिनमें लोगों को जागरूक किया गया है। हो सकता पूर्व मे लोग जागरुक हो चुके इसलिए नहीं आए होंगे आगे से कोशिश पूरी रहेगी।
