सैफई : उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मां सरस्वती की आराधना के साथ बसंत उत्सव श्रद्धा और उल्लास के माहौल में मनाया गया। इसी क्रम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पराक्रम दिवस भी मनाया गया, जहां उनके साहस, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा को स्मरण किया गया। विश्वविद्यालय परिसर पीले रंग की छटा, वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक गतिविधियों से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने मां शारदे के चित्र के समक्ष विधिवत पूजन और हवन कर की। इसके उपरांत उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, विवेक और नवचेतना का पर्व है। मां सरस्वती की उपासना विद्यार्थियों को अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती है।

कुलपति ने कहा कि जिस तरह मां शारदे ज्ञान और संस्कार का मार्ग प्रशस्त करती हैं, उसी तरह नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का आदर्श प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों के लिए ये दोनों प्रेरणास्रोत हैं,एक ओर करुणा और ज्ञान, तो दूसरी ओर सेवा, संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण।

बसंत उत्सव के दौरान मेडिकल छात्र-छात्राएं पीले वस्त्रों में नजर आए। विद्यार्थियों ने पूरे विधि-विधान से हवन-पूजन किया और पारंपरिक अंदाज में पतंग उड़ाकर बसंत ऋतु का स्वागत किया। परिसर में उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक रंग देखने को मिले। छात्रों ने अनुशासन और गरिमा के साथ पूरे कार्यक्रम को संपन्न कराया।

कल्चरल कमेटी के चेयरपर्सन डॉ.सोमेंद्र पाल ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव दीपक वर्मा,डीन मेडिकल प्रो. डॉ आदेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ एसपी सिंह,चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ अमित सिंह,प्रो.डॉ सुनील कुमार,प्रो. डॉ पीके जैन,प्रो. डॉ कल्पना,प्रो.डॉ वैभव कांति सहित बड़ी संख्या मे संकाय सदस्य, चिकित्सक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्याl में मेडिकल छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में भक्ति, संस्कृति और देशभक्ति का समन्वित वातावरण बना रहा।
