सैफई : त्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में नर्सिंग सेवाओं को तकनीक से जोड़कर अधिक प्रभावी और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। कुलपति प्रोफेसर डॉ. अजय सिंह ने नर्सों के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनेगा और इससे नर्सिंग स्टाफ की कार्यक्षमता के साथ-साथ मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता में भी ठोस सुधार होगा।

कुलपति ने कहा कि वर्तमान में नर्सिंग स्टाफ का बड़ा समय कागजी कार्यों और रिकॉर्ड संधारण में खर्च हो जाता है। एआई आधारित तकनीकें इस बोझ को कम करेंगी, जिससे नर्सें सीधे मरीजों की देखभाल पर अधिक ध्यान दे सकेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई को मानव संसाधन के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में अपनाया जाना चाहिए, ताकि उपचार प्रक्रिया अधिक सटीक और समयबद्ध हो सके।

नर्सों के लिए आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर “बियॉन्ड डॉक्यूमेंटेशन: एआई एज अ फोर्स मल्टीप्लायर फॉर नर्सिंग एक्सीलेंस” विषय पर केंद्रित रहा। इसमें नर्सिंग सेवाओं में एआई के उपयोग, मरीजों के डेटा प्रबंधन, कार्यप्रणाली को सरल बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
चीफ नर्सिंग ऑफिसर लवली जेम्स ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से नर्सिंग स्टाफ को नई तकनीकों को समझने और उन्हें अपने दैनिक कार्य में अपनाने का अवसर मिलेगा। इससे संस्थान में मरीजों को मिलने वाली सेवाएं अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होंगी।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान सीनियर नर्सिंग ऑफिसर एवं स्पोक्सपर्सन आनंद राज, नितिन कुमार मिश्रा और संगम यादव ने एआई आधारित नर्सिंग कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी और नर्सिंग स्टाफ को इसके व्यावहारिक उपयोग से अवगत कराया।

कार्यक्रम में प्रतिकुलपति प्रो. डॉ. रमाकांत यादव, संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. आदेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो.डॉ. एस.पी. सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित सिंह सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में नर्सिंग ऑफिसर मौजूद रहे।
