सैफई : प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के उपयोग को लेकर लखनऊ में आयोजित एआई हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस, उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई की भागीदारी रही। सम्मेलन के दौरान आयोजित प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय द्वारा इलाज और जांच में उपयोग की जा रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों को प्रस्तुत किया गया, जिनका अवलोकन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने स्टॉल पर प्रदर्शित तकनीकों के बारे में जानकारी ली और यह जाना कि इनका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में किस तरह किया जा रहा है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में एआई आधारित तकनीकों का प्रयोग मुख्य रूप से समय पर निदान, रिपोर्टिंग में सटीकता और इलाज की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है। रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और टेलीमेडिसिन जैसे विभागों में डिजिटल और एआई सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है। कुलपति ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों की संख्या अधिक होने और विशेषज्ञ संसाधनों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एआई तकनीक डॉक्टरों के लिए निर्णय सहयोगी के रूप में काम कर रही है। इससे गंभीर मामलों की पहचान समय रहते हो पा रही है और इलाज में अनावश्यक देरी की स्थिति कम हुई है।

प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक आधारित नवाचारों की उपयोगिता पर चर्चा की और ऐसे प्रयोगों को भविष्य की आवश्यकता बताया। अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण और तकनीकी सशक्तिकरण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
