सैफई: सर्दी का असर बढ़ते ही न्यूरो संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी आ गई है। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में सोमवार को न्यूरो मेडिसिन विभाग की ओपीडी में मरीजों की रिकॉर्ड भीड़ रही। ठंड के कारण नसों में जकड़न, चक्कर, हाथ-पांव सुन्न पड़ना, सिरदर्द, ब्लड प्रेशर बढ़ना और स्ट्रोक का खतरा अधिक देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति एवं विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. रमाकांत यादव ने बताया कि ठंड शरीर की नसों को सिकोड़ देती है, जिससे रक्तचाप व नसों पर दबाव बढ़ जाता है। यही कारण है कि सर्दियों में न्यूरो रोगियों में गंभीर लक्षण तेजी से दिखाई देते हैं।
डॉ. रमाकांत यादव ने मरीजों को सर्दी के मौसम में खास सतर्क रहने की सलाह देते हुए कई जागरूकता संबंधी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सुबह-शाम अधिक ठंड में बाहर निकलने से बचें, सिर, कान और पैरों को गरम कपड़ों से ढककर रखें, दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और बीपी-शुगर की नियमित जांच कराएं। उनके अनुसार सर्दियों में स्ट्रोक व हाई बीपी के मामले अधिक सामने आते हैं, इसलिए बुजुर्ग, डायबिटीज, बीपी व न्यूरो संबंधी बीमारियों से ग्रसित मरीज विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने नहाने से जुड़े अहम सुझाव भी दिए। डॉक्टर के अनुसार अत्यधिक ठंड में अचानक बाथरूम में प्रवेश न करें और नहाने के लिए गुनगुने पानी का ही उपयोग करें। पहले सिर या छाती पर पानी डालने के बजाय पैरों की उंगलियों, टखनों और घुटनों पर धीरे-धीरे पानी डालकर शरीर को तापमान के अनुरूप तैयार करें। ठंड में अचानक सिर पर पानी डालने से नसों पर अचानक दबाव बढ़ सकता है, जिससे चक्कर, ब्लड प्रेशर बढ़ना और स्ट्रोक की आशंका हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सुबह के बजाय दिन में थोड़ी धूप निकलने के समय नहाना अधिक सुरक्षित होता है।
सर्दी में मरीजों को हल्का व्यायाम, नियमित वॉक, संतुलित भोजन और शरीर को गरम रखने की सलाह दी गई। डॉक्टरों ने कहा कि रात में देर तक जागने और खाली पेट रहने से भी बीपी-शुगर में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, इसलिए इन स्थितियों से बचें।
सोमवार को न्यूरो मेडिसिन विभाग की ओपीडी में करीब 300 मरीज पहुंचे। ज्यादातर मरीज सुन्नपन, चक्कर, कमजोरी, सिरदर्द, नसों में खिंचाव और ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों के साथ पहुंचे। प्रो. डॉ. रमाकांत यादव और उनकी टीम ने सभी मरीजों को आवश्यक परामर्श दिया।

ठंड का असर केवल न्यूरो विभाग तक सीमित नहीं रहा। सामान्य ओपीडी के साथ-साथ सुपर स्पेशलिटी ओपीडी में भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। सोमवार को विश्वविद्यालय की मुख्य ओपीडी और 500 बेड सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की संयुक्त ओपीडी में लगभग 2800 मरीज इलाज कराने पहुंचे। मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी, नेत्र, आर्थोपेडिक, बाल रोग, त्वचा रोग, स्त्री रोग, हृदय रोग, यूरो, कैंसर, गैस्ट्रो, नेफ्रो और न्यूरो सर्जरी विभागों में सुबह से शाम तक मरीजों की आवाजाही बनी रही।

