सैफई : रंगों के त्योहार होली में अब दो दिन शेष हैं। पर्व के दौरान संभावित सड़क दुर्घटनाओं, रंगों से एलर्जी, आंख व त्वचा संबंधी समस्याओं और अन्य आपात स्थितियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय प्रशासन ने चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) अमित सिंह की ओर से कार्यालय आदेश जारी कर समस्त विभागाध्यक्षों, मुख्य नर्सिंग अधिकारी, सीनियर डाइटिशियन, यातायात प्रभारी सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी निर्देशों में इमरजेंसी सेवाओं, ट्रॉमा सेंटर, वार्डों और अन्य चिकित्सा इकाइयों में दवाओं, उपकरणों और मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। विशेष रूप से एंटी रैबीज वैक्सीन, एंटी स्नेक वेनम, आई ड्रॉप, बर्न मैनेजमेंट दवाएं तथा अन्य जीवनरक्षक औषधियों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहार के दौरान अवकाश स्वीकृति में सतर्कता बरतने और ड्यूटी रोस्टर इस प्रकार तैयार करने को कहा गया है, ताकि किसी भी समय स्टाफ की कमी न हो।
विश्वविद्यालय का ट्रॉमा सेंटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़े क्षेत्र के लिए प्रमुख आपात चिकित्सा केंद्र है। ऐसे में दुर्घटना की स्थिति में त्वरित उपचार के लिए सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, मेडिसिन और एनेस्थीसिया विभाग की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। ब्लड बैंक को आवश्यक रक्त भंडारण बनाए रखने तथा आईसीयू और इमरजेंसी बेड की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। एम्बुलेंस सेवाओं को पूर्णत: सक्रिय रखते हुए किसी भी बड़ी घटना की स्थिति में जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। यातायात प्रभारी को अस्पताल परिसर में सुचारु आवाजाही बनाए रखने और आपात वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
होली में केमिकल युक्त रंगों के उपयोग से आंख और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका को देखते हुए नेत्र व त्वचा रोग विभाग को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। आई वॉश सुविधा, आवश्यक ड्रॉप्स और एलर्जीरोधी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सीनियर डाइटिशियन को वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए विशेष आहार व्यवस्था पर नजर रखने को कहा गया है, ताकि त्योहार के दौरान भी उपचार की गुणवत्ता प्रभावित न हो। मुख्य नर्सिंग अधिकारी को नर्सिंग स्टाफ की प्रभावी तैनाती और निगरानी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) अमित सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में सामान्य दिनों में भी 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं संचालित रहती हैं, लेकिन त्योहार को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उनका कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
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कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा कि त्योहार के दौरान भी मरीजों की सुरक्षा और उपचार में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सभी विभागों को टीमवर्क के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन को भरोसेमंद और समयबद्ध चिकित्सा सुविधा मिलती रहे और होली का पर्व सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो
