सैफई : शुक्रवार को थाने में होने वाले मोइना में पहुंचे सीओ सैफई उस समय सभी की नजरें ठहर गईं, जब शस्त्र परीक्षण में दरोगा पिस्टल तो समय पर खोल ले गए, लेकिन उसे तय समय में वापस बंद नहीं कर पाए। पूरे निरीक्षण में सीओ ने थाने की व्यवस्था, शस्त्र संचालन और गांव से सूचना तंत्र पर खास ध्यान दिया।

निरीक्षण क्षेत्राधिकारी (सीओ) केपी सिंह ने किया। थाने में पहुंचने पर उन्हें सलामी दी गई। इसके बाद उन्होंने महिला हेल्प डेस्क, साइबर सेल, इंडेक्स और मुंशी कार्यालय में रजिस्टर नंबर 4 व 8 सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की। सीसीटीएनएस कार्यालय में लंबित प्रविष्टियों और ऑनलाइन कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र राठी पूरे निरीक्षण में साथ रहे।

शस्त्रागार पहुंचने पर सीओ ने शस्त्रों की स्थिति देखी और वहां मौजूद विभिन्न प्रकार के शस्त्रों व कारतूसों की जानकारी ली। इसी दौरान उन्होंने दरोगा राजकुमार व हेमत से पिस्टल खोलने और बंद करने का अभ्यास कराया। दरोगा ने पिस्टल समय पर खोल तो ली, लेकिन उसे निर्धारित समय में बंद नहीं कर पाए। इस पर सीओ ने शस्त्र संचालन में दक्षता को जरूरी बताते हुए स्टाफ से पूछा कि अभ्यास कितनी बार किया जाता है और सामान्य समय कितना माना जाता है।

निरीक्षण में सीओ ने चौकीदारों को बुलाकर अलग से बातचीत की। उन्होंने कहा कि गांव की हर छोटी-बड़ी जानकारी सबसे पहले चौकीदार को ही पता चलती है। चौकीदार ही गांव की सुरक्षा का पहला स्तंभ होता है। उन्होंने कहा, आप समय पर सूचना देते रहेंगे तो कई गंभीर घटनाएं होने से पहले ही रोकी जा सकती हैं। सीओ ने हर चौकीदार से उनके गांव की स्थिति और रात में गश्त के बारे में पूछा।

निरीक्षण के दौरान सीओ ने हवालात, साफ-सफाई, पुलिस आवास व सुरक्षा व्यवस्था भी देखी। अंत में उन्होंने स्टाफ से कहा कि वर्दी, समयपालन और जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। थाने की हर कार्रवाई में अनुशासन और तत्परता दिखनी चाहिए।
