सैफई : कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के बीच सर्जरी से जुड़ी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार ठंड के मौसम में लोग प्यास कम लगने के कारण पानी पीना घटा देते हैं और शारीरिक गतिविधियां भी सीमित हो जाती हैं। इसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है और कब्ज की समस्या बढ़ जाती है। यही कब्ज आगे चलकर पाइल्स, फिशर और पेट से जुड़ी अन्य गंभीर सर्जरी बीमारियों का कारण बन रही है। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि सर्दी के मौसम में भी लापरवाही न बरतें और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई की पुरानी ओपीडी में संचालित सर्जरी विभाग की दोनों ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। कक्ष संख्या 62 में प्रोफेसर डॉक्टर अनिल शर्मा और कक्ष संख्या 61 में प्रोफेसर डॉक्टर राजेश वर्मा ने मरीजों का परीक्षण किया। दोनों ओपीडी में मिलाकर करीब साढ़े 300 मरीजों का पंजीकरण हुआ। सुबह से ही सर्जरी ओपीडी के बाहर मरीजों और उनके तीमारदारों की लंबी कतारें लगी रहीं।
प्रोफेसर डॉक्टर अनिल शर्मा ने बताया कि सर्दी में लोग ठंड से बचने के लिए पानी कम पीते हैं, जिससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। लंबे समय तक कब्ज रहने पर पाइल्स, फिशर और मलद्वार से जुड़ी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। उन्होंने कहा कि कई मरीज शुरुआती परेशानी को मामूली समझकर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे बाद में सर्जरी की नौबत आ जाती है।
डॉ. शर्मा ने सलाह दी कि सर्दी के मौसम में भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। भोजन में फाइबर युक्त आहार शामिल करें, नियमित रूप से टहलना जरूरी है और मल त्याग से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। समय रहते चिकित्सक से परामर्श लेने पर गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
ओपीडी के दौरान सर्जरी विभाग की टीम में डॉक्टर संदीप यादव, डॉक्टर खुशबू और डॉक्टर भारत ने भी मरीजों की जांच, परामर्श और प्राथमिक उपचार में सक्रिय भूमिका निभाई। टीम द्वारा मरीजों को दवाओं के साथ-साथ दिनचर्या और खानपान से जुड़ी आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी गई।
प्रोफेसर डॉक्टर राजेश वर्मा ने बताया कि ठंड के कारण कई मरीज दर्द और पेट की समस्याओं को लंबे समय तक सहन करते रहते हैं, जिससे बीमारी जटिल हो जाती है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उचित उपचार से सर्जरी से जुड़ी अधिकांश समस्याओं को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
चिकित्सकों ने आमजन से अपील की कि सर्दी के मौसम में नियमित दिनचर्या अपनाएं, संतुलित आहार लें और पर्याप्त पानी पीते रहें। यही सावधानियां सर्जरी से जुड़ी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय हैं।
फोटो – डॉ अनिल शर्मा टीम के साथ मरीज कों देखते हुए
