एसडीएम सैफई के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा ज्ञापन
सैफई: विकास खंड सैफई में खंड विकास अधिकारी को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। 10 फरवरी को ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मंगलवार को प्रधान संघ सैफई शाखा ने भी एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी के माध्यम से जिलाधिकारी को सामूहिक ज्ञापन भेजकर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं। लगातार दो स्तरों से उठी शिकायतों ने ब्लॉक प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
10 फरवरी को ग्राम पंचायत सचिवों ने संयुक्त रूप से शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि खंड विकास अधिकारी गौरव पुरोहित द्वारा बैठकों व फोन पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाता है तथा नियम विरुद्ध कार्य कराने के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। सचिवों ने यह भी आरोप लगाया था कि पंचायतों से प्रतिमाह 1000 से 1500 रुपये तक की धनराशि की मांग की जाती है और मनरेगा कार्यों में सामग्री मद एवं मस्टर रोल के नाम पर लगभग सात प्रतिशत कमीशन मांगा जाता है। धनराशि न देने पर कार्रवाई की चेतावनी देने, जनवरी माह का वेतन रोकने तथा अवकाश अवधि में भी कार्य कराने के दबाव की बात भी शिकायत में कही गई थी। सचिवों ने निष्पक्ष जांच न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
अब मंगलवार को प्रधान संघ सैफई शाखा के अध्यक्ष राधा कृष्ण यादव के नेतृत्व में विभिन्न ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रधानों ने संयुक्त ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि मनरेगा योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के भुगतान और मस्टर रोल की प्रक्रिया में सात से दस प्रतिशत तक कमीशन की मांग की जाती है। अवैध धनराशि न देने पर फाइलों को लंबित रखा जाता है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और श्रमिकों को समय से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से प्रति माह 1000 से 2000 रुपये तक की वसूली कथित रूप से सीडीओ व अन्य अधिकारियों के किचन खर्च के नाम पर कराई जा रही है। प्रधानों ने इसे शासकीय नियमों के विपरीत बताया है। उनका कहना है कि मुलाकात के दौरान जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है और ब्लॉक कार्यालय में अधिकारी नियमित समय पर उपलब्ध नहीं रहते, जिससे आम लोगों को भी असुविधा होती है।
प्रधानों ने यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित अधिकारी वर्तमान में बढ़पुरा और सैफई दोनों विकास खंडों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। दोहरे प्रभार के कारण प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित होने की बात कही गई है।
संयुक्त ज्ञापन ग्राम पंचायत गीजा, लछवाई, झिगूपुर, नगला सुभाना, हरदोई, अतिराजपुर, परासना, सहसारपुर, सैफई और नरोहली भिड़रुआ सहित लगभग दो दर्जन ग्राम प्रधानों द्वारा हस्ताक्षरित बताया गया है। प्रधान संघ ने मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराने, जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को हटाने, मनरेगा व अन्य योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की है।
प्रधान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिन के भीतर जांच शुरू कर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करेगा।
