सैफई: नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय शक्ति शिखर सम्मेलन में ऋचा राय को वर्ष 2026 का राष्ट्र शक्ति शिरोमणि सम्मान” प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें साहित्य एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में योगदान के लिए दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन सम्पर्क क्रांति परिवार द्वारा लाजपत भवन ऑडिटोरियम, लाजपत नगर में किया गया, जिसमें देशभर से शिक्षाविद, साहित्यकार, समाजसेवी और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाएं शामिल हुईं। सम्मेलन में समाज, साहित्य, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को राष्ट्र शक्ति शिरोमणि राष्ट्र तेजस्विनी और राष्ट्र यशस्विनी सम्मान प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जगदीश मुखी पूर्व राज्यपाल, प्रोफेसर जगदीश मुखी ने ऋचा राय को प्रशस्ति-पत्र, अंगवस्त्र, सम्मान चिह्न एवं ताज पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष शिव विनायक शर्मा ने बताया कि ऋचा राय पिछले 15 वर्षों से राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक उत्थान और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
ऋचा राय एक सुविख्यात लेखिका हैं, जिनकी प्रमुख कृतियों में ‘अदृश्य शत्रु’,जीवन तेरा परिचय क्या है ‘किसलय’ और ‘छठी मईया वैदिक दर्शन शामिल हैं। उनकी लेखनी समाज में सकारात्मक चेतना और जागरूकता का संदेश देती है। इसके साथ ही वे ‘मिशन शक्ति’, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, ‘स्वच्छ भारत मिशन’ सहित विभिन्न सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाकर जनजागरूकता का कार्य कर रही हैं।
डिजिटल मंचों पर भी उनकी प्रभावशाली उपस्थिति है। सोशल मीडिया पर 7.5 लाख से अधिक फॉलोअर्स के माध्यम से वे अपनी कविताओं और विचारों के जरिए राष्ट्रीय एकता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सरोकारों का संदेश प्रसारित कर रही हैं।
कार्यक्रम में पद्मजा पाण्डेय पूर्व उच्चायुक्त, फिजी, योगेश कुमार पटेल राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ शशिबाला, गोपाल थपलियाल, सोमा सर्वजना राष्ट्रीय महासचिव तथा बिकास कुमार वैद्य पूर्व डीआईजी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने ऋचा राय को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।
