सैफई: ग्राम पंचायतों को सरकारी अनुदान की निर्भरता से बाहर निकालकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सैफई विकासखंड में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार को विकासखंड सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में ग्राम प्रधानों को अपने-अपने गांवों में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों के माध्यम से पंचायत की आय बढ़ाने और विकास कार्यों को निरंतर गति देने के उपाय बताए गए।

नीति आयोग, भारत सरकार और राज्य सरकार के निर्देशन तथा निदेशक पंचायती राज के आदेश पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रशिक्षक अर्चना बाजपेई, अनिल कुमार बाजपेई, प्रधान संघ अध्यक्ष राधा कृष्ण यादव और एडीओ पंचायत मोहम्मद इम्तियाज अतहर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद आयोजित सत्रों में ग्राम प्रधानों के साथ पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों को ग्राम पंचायत की आय वृद्धि से जुड़े व्यावहारिक, तकनीकी और विधिक पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि ग्राम पंचायतें दुकानों के किराये, स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठानों, बड़े साले, पेयजल, स्वच्छता सेवाओं सहित अन्य वैधानिक संसाधनों के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर सकती हैं। साथ ही आय अर्जन की प्रक्रिया में नियमों का पालन, पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी को आवश्यक बताया गया, जिससे पंचायतें बिना किसी बाधा के अपनीआमदनी बढ़ा सकें। प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत अतिराजपुर के प्रधान अरुणेंद्र उर्फ नीलू यादव, हरदोई के प्रधान सर्वेश बाबा, प्रयाग सिंह यादव सहित विकासखंड सैफई के कई ग्राम प्रधानों ने सहभागिता की। प्रधानों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्पष्ट मार्गदर्शन मिलता है और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में सहायता मिलती है। अधिकारियों ने पंचायत सचिवों और सहायकों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों की आय से जुड़े प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पंचायतें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं कर सकें और गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास हो सके।
फोटो – संबोधन करती हुई अर्चना बाजपेई, अनिल बाजपेई, राधाकृष्ण यादव
